India-ASEAN Relations & Global Supply Chain: S Jaishankar Emphasizes Strategic Partnership in Manila

External Affairs Minister S Jaishankar discussing global supply chain and strategic partnership at the ASEAN meeting in Manila
External Affairs Minister S. Jaishankar during the diplomatic discussions in Manila.

 आसियान-भारत साझेदारी और ग्लोबल सप्लाई चेन: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान

आज के समय में जब पूरी दुनिया आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, तब भारत और आसियान (ASEAN) देशों के बीच आपसी सहयोग और मजबूत कूटनीति वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुकी है। हाल ही में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान बैठकों और सम्मेलनों के दौरान, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन (Supply Chains) में आ रही बाधाओं और ग्लोबल डिसरप्शन पर गहरी चिंता व्यक्त की है।  

वैश्विक उथल-पुथल के बीच मजबूत सप्लाई चेन की जरूरत

विदेश मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई हिस्सों में जिस तरह से व्यापारिक और कूटनीतिक मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, उससे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटें न केवल आर्थिक विकास को धीमा करती हैं, बल्कि महंगाई और संसाधनों की कमी को भी बढ़ाती हैं। ऐसे में भारत और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (ASEAN) का यह दायित्व है कि वे एक सुरक्षित, लचीला और भरोसेमंद सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करें।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग

बैठक के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। भारत इस क्षेत्र में आसियान की केंद्रीय भूमिका (ASEAN Centrality) का हमेशा से समर्थन करता आया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इन बयों से साफ जाहिर होता है कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए अपने पड़ोसी और मित्र देशों के साथ संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारत और आसियान के बीच व्यापारिक और रणनीतिक महत्व

आसियान (ASEAN) देश भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के केंद्र में हैं। मनीला में हुई बैठकों के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे दोनों पक्षों को पारंपरिक व्यापार के साथ-साथ डिजिटल इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर सप्लाई और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए। जब वैश्विक स्तर पर चीन या अन्य महाशक्तियों के कारण सप्लाई चेन में रुकावटें आती हैं, तब भारत और आसियान का यह क्षेत्रीय सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने में एक मजबूत स्तंभ का काम करता है।

आने वाले समय में इस साझेदारी के और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मामलों में नए रास्ते खुलेंगे।

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Disclaimer: The views and opinions expressed in this article are for informational purposes only and do not constitute formal legal or diplomatic advice.

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